तुम हो नहीं मगर तेरे होने का एहसास आज भी है !
तुम हो नहीं मगर तेरे होने का एहसास आज भी है ! मजबूर ओर बेवजह तेरा इंतजार आज भी है !! कोई पूछता है तेरे बारे में तो सोच…
तुम हो नहीं मगर तेरे होने का एहसास आज भी है ! मजबूर ओर बेवजह तेरा इंतजार आज भी है !! कोई पूछता है तेरे बारे में तो सोच…
हम चुप क्यों हैं वो मेरे ख़ामोशी का वजह पूछते हैं हम किसी को दोस्त कैसे कहें अब तो लोग दोस्त होने का का भी वजह पूछते हैं…
कुछ इस तरह हमने जिन्दगी को आसान कर लिया ! किसी से माफ़ी मांग ली और किसी को माफ़ कर दिया !!
कभी कभी हम कितने लाचार से हो जातें हैं जब कभी ऐसी निर्णय की घडी आ जाती है जब एक तरफ अपना हित होता है और दूसरी तरफ अपनों का …
ये आरजू हीं रही हमको भी चाहे कोई , कभी तन्हाई में नयनों से बुलाए कोई !! गर हवा तेज चले और बिखर जाऊं मैं, …