बड़े मायूस से लागतें हैं आईने में हम,




तुम इल्जाम लगाने लगे हर बात पे जबसे ,

मेरा ऐतबार खुद पे हिं तार तार हुआ  !!


जब हुई नम ऑंखें मुस्कुराने की कोशिस में ,

एहसास फिर वही कुन जाने बार बार हुआ !!


बड़े मायूस से लागतें हैं आईने में हम, 

मेरा ये हाल तेरे जाने के बाद हुआ  !!

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