Homeकविता बड़े मायूस से लागतें हैं आईने में हम, 5:17 AM तुम इल्जाम लगाने लगे हर बात पे जबसे , मेरा ऐतबार खुद पे हिं तार तार हुआ !! जब हुई नम ऑंखें मुस्कुराने की कोशिस में , एहसास फिर वही कुन जाने बार बार हुआ !! बड़े मायूस से लागतें हैं आईने में हम, मेरा ये हाल तेरे जाने के बाद हुआ !! Tags: कविता गजल मेरे कलम से शायरी Facebook Twitter