Homeगजल MARRY CHRISTMAS 10:53 AM ये गजल नहीं हैं दोस्तों मेरे इश्क का गुब्बार है , शब्दों की तो समझ नहीं और शायराना है है !! गजब किया उसने कहा तू शायरों में कमल है , मुझे और कुछ आता नहीं बस शायरी लाजवाब है Tags: गजल मेरे कलम से शायरी Facebook Twitter