हमारे शहर के लोग बेजुवां क्यू हैं !
जल रहा देश और घर में गुमशुदा kun हैं !!
परेसान सब हैं मगर निकलें तो कब निकलें !
सोचतें है पहले कोई निकले तो हम निकलें !!
धुआं उठता है चिंगारी हैं "लपटें" qun नहीं उठती !
और क्या देखना है और उम्मीद-जादा कुन हैं !!
..........will republish........
जल रहा देश और घर में गुमशुदा kun हैं !!
परेसान सब हैं मगर निकलें तो कब निकलें !
सोचतें है पहले कोई निकले तो हम निकलें !!
धुआं उठता है चिंगारी हैं "लपटें" qun नहीं उठती !
और क्या देखना है और उम्मीद-जादा कुन हैं !!
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मेरे कलम से